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187 सांसद-विधायक पर महिला अपराध केस: BJP के 106

October 24, 2026

देश के मौजूदा सांसदों और विधायकों के चुनावी हलफनामों में महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों का खुलासा हुआ है. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और नेशनल इलेक्शन वॉच (NEW) की रिपोर्ट के मुताबिक, 187 मौजूदा सांसदों और विधायकों ने अपने चुनावी हलफनामों में ऐसे मामलों की घोषणा की है. इनमें 19 सांसद और 168 विधायक शामिल हैं.

पार्टीवार आंकड़ों पर नजर डालें, तो बीजेपी के सबसे ज्यादा 106 सांसद-विधायक इस सूची में शामिल हैं. इसके बाद कांग्रेस के 20 और तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के 18 जनप्रतिनिधियों ने महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों की घोषणा की है.

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14 सांसद-विधायकों ने दुष्कर्म से जुड़े मामलों की घोषणा की

ADR की रिपोर्ट में दुष्कर्म से संबंधित मामलों का भी जिक्र किया गया है. इसके मुताबिक, 14 मौजूदा सांसदों और विधायकों ने अपने चुनावी हलफनामों में दुष्कर्म से जुड़े मामलों की घोषणा की है. इनमें दो लोकसभा सांसद और 12 विधायक शामिल हैं.

पार्टीवार आंकड़ों के अनुसार, बीजेपी और कांग्रेस के चार-चार जनप्रतिनिधियों ने ऐसे मामलों की घोषणा की है. बीजेपी के इन चार जनप्रतिनिधियों में दो सांसद और दो विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के चारों जनप्रतिनिधि विधायक हैं.

इसके अलावा तेलुगु देशम पार्टी (TDP), डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस, बीजू जनता दल (BJD), नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP), भारत आदिवासी पार्टी और ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट के एक-एक विधायक ने भी दुष्कर्म से जुड़े मामलों की जानकारी अपने हलफनामों में दी है.

हालांकि, इन आंकड़ों को दोषसिद्धि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. रिपोर्ट चुनाव के समय दाखिल हलफनामों पर आधारित है. संबंधित मामलों में आरोपों और कानूनी प्रक्रिया की मौजूदा स्थिति अलग-अलग हो सकती है.

दुष्कर्म से जुड़े मामले घोषित करने वाले मौजूदा सांसदों और विधायकों की राज्यवार संख्या

राज्यदुष्कर्म से जुड़े मामले घोषित करने वाले मौजूदा विधायकों की संख्यादुष्कर्म से जुड़े मामले घोषित करने वाले मौजूदा लोकसभा सांसदों की संख्यासांसदों और विधायकों की कुल संख्या
पश्चिम बंगाल213
मध्य प्रदेश202
आंध्र प्रदेश101
ओडिशा101
महाराष्ट्र101
कर्नाटक101
झारखंड101
केरल101
तेलंगाना011
गोवा101
मेघालय101
कुल12214

ADR ने 4,881 चुनावी हलफनामों का किया विश्लेषण

ADR और NEW ने पिछले पांच वर्षों के दौरान हुए चुनावों में दाखिल हलफनामों का विश्लेषण किया है. इसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के मौजूदा सदस्यों के साथ इस अवधि में हुए उपचुनावों के हलफनामे भी शामिल हैं.

रिपोर्ट के लिए कुल 4,899 हलफनामे जुटाए गए, जिनमें से 4,881 का विश्लेषण किया गया. इनमें 772 सांसदों और 4,109 विधायकों के हलफनामे शामिल हैं.

इन हलफनामों के विश्लेषण में 187 जनप्रतिनिधियों ने महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों की घोषणा की है. यानी विश्लेषण किए गए कुल जनप्रतिनिधियों में करीब 3.8 प्रतिशत ऐसे हैं, जिनके हलफनामों में इस श्रेणी के मामलों का उल्लेख है.

पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा 69 सांसदों-विधायकों पर महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले

राज्यवार आंकड़ों में पश्चिम बंगाल सबसे ऊपर है. यहां 69 मौजूदा सांसदों और विधायकों ने महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों की घोषणा की है.

आंध्र प्रदेश में ऐसे 22 जनप्रतिनिधि हैं, जबकि ओडिशा में 17 सांसदों और विधायकों ने अपने हलफनामों में इस तरह के मामलों का जिक्र किया है.

महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामले घोषित करने वाले मौजूदा सांसदों और विधायकों की राज्यवार संख्या

क्रम संख्याराज्य/केंद्र शासित प्रदेशऐसे मामलों की घोषणा करने वाले मौजूदा विधायकों की संख्याऐसे मामलों की घोषणा करने वाले मौजूदा लोकसभा सांसदों की संख्याऐसे मामलों की घोषणा करने वाले मौजूदा राज्यसभा सांसदों की संख्यासांसदों और विधायकों की कुल संख्या
1पश्चिम बंगाल634269
2आंध्र प्रदेश210122
3ओडिशा161017
4महाराष्ट्र100111
5बिहार91010
6कर्नाटक7007
7झारखंड5106
8केरल3205
9मध्य प्रदेश5005
10राजस्थान5005
11तेलंगाना2305
12उत्तर प्रदेश3104
13गुजरात3003
14पंजाब3003
15तमिलनाडु2103
16असम2002
17दिल्ली2002
18गोवा2002
19दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव0101
20हिमाचल प्रदेश1001
21जम्मू-कश्मीर1001
22मणिपुर1001
23मेघालय1001
24पुडुचेरी1001
कुलसभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश168154187