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थाइलैंड जाने वाले भारतीयों के लिए अलर्ट: 15 सितंबर से बदल गए वीजा-फ्री नियम, जानें नई समय-सीमा

September 13, 2026

थाइलैंड जाने की तैयारी कर रहे भारतीय यात्रियों के लिए एक जरूरी खबर है। 15 सितंबर 2026 से थाइलैंड में भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए बिना वीजा (Visa-Free) रुकने की सीमा घटाकर 30 दिन की जा रही है। 31 अगस्त को जारी थाइलैंड के गृह मंत्रालय के नए नियमों के तहत यह फैसला लिया गया है। भारत के लिए वीजा-फ्री सुविधा तो बनी रहेगी, लेकिन रुकने की तय सीमा आधी (30 दिन) हो जाएगी। हालांकि, 15 सितंबर से पहले थाइलैंड पहुंचने वाले यात्रियों को अराइवल के वक्त पासपोर्ट पर स्टाम्प की गई पुरानी अवधि का ही लाभ मिलेगा। अगर आपकी यात्रा की तारीखें इस बदलाव के आसपास हैं, तो अपना शेड्यूल ध्यान से प्लान करें।

नया नियम भारत समेत कुल 60 देशों और क्षेत्रों पर लागू होगा। इसके साथ ही साल 2024 में शुरू की गई 60 दिनों की स्टे स्कीम खत्म हो जाएगी। थाइलैंड के अधिकारियों ने साफ किया है कि पुराने नियमों के तहत प्रवेश पा चुके यात्रियों की तय समय-सीमा मान्य रहेगी। रॉयल गजेट में प्रकाशन के 15 दिन बाद यह नियम प्रभावी हो रहा है, जिसकी तारीख 15 सितंबर तय की गई है। इसलिए इस वीकेंड सफर करने वाले यात्री एयरपोर्ट चेक-इन पर किसी तरह की गलतफहमी में न रहें।

Thailand Visa-Free Rules for Indians: New 30-Day Stay Limit Effective September 2026 Update Guide

भारतीयों के लिए थाइलैंड की वीजा-फ्री यात्रा: जरूरी डॉक्यूमेंट्स और एयरलाइन जांच

थाइलैंड यात्रा के लिए आपके पास कम से कम 6 महीने की वैधता वाला पासपोर्ट, 30 दिनों के भीतर की कंफर्म रिटर्न या आगे की यात्रा की टिकट, होटल बुकिंग का सबूत और पर्याप्त पैसे होने चाहिए। थाइलैंड दूतावास के मुताबिक, वीजा-फ्री नियम के तहत प्रति व्यक्ति 20,000 बाहत या पूरे परिवार के लिए 40,000 बाहत की रकम होना जरूरी है। बोर्डिंग के समय एयरलाइंस अक्सर इन सभी डाक्यूमेंट्स को चेक करती हैं, इसलिए प्रिंट आउट तैयार रखें। अगर आपका टिकट 30 दिन से अधिक का है, तो एयरलाइन आपसे सवाल-जवाब कर सकती है।

थाइलैंड का 30 दिनों वाला नियम: एक्सटेंशन, ओवरस्टे जुर्माना और VoA में बदलाव

थाइलैंड पहुंचने के बाद इमिग्रेशन ऑफिस से 1,900 बाहत की फीस चुकाकर 30 दिन का एक्सटेंशन लिया जा सकता है, हालांकि यह अधिकारी के विवेक पर निर्भर करेगा। तय समय से ज्यादा रुकने (ओवरस्टे) पर रोजाना 500 बाहत का जुर्माना लगेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 20,000 बाहत है। ओवरस्टे करने पर भविष्य में थाइलैंड यात्रा पर भी असर पड़ सकता है। ध्यान दें कि लैंड-बॉर्डर (जमीनी रास्ते) के जरिए साल में सिर्फ दो बार ही बिना वीजा प्रवेश की अनुमति होगी। नई आसान व्यवस्था के तहत भारतीयों के लिए वीजा ऑन अराइवल (VoA) का ओवरलैपिंग नियम अब वापस ले लिया गया है।

30 दिन से ज्यादा की यात्रा: भारतीय यात्रियों के पास क्या हैं विकल्प?

क्या आप 30 दिन से ज्यादा रुकने का प्लान बना रहे हैं? ऐसे में आप फ्लाइट से देश से बाहर जाकर दोबारा री-एंट्री की योजना बना सकते हैं। हालांकि, इसके लिए आपको रिटर्न टिकट और बॉर्डर नियमों का ध्यान रखना होगा। सबसे बेहतर तरीका यह है कि यात्रा से पहले ही अपनी जरूरत के मुताबिक सही थाई ई-वीजा (e-Visa) अप्लाई कर लें, जैसे टूरिस्ट (TR) वीजा या फिर 'डेस्टिनेशन थाइलैंड वीजा' (DTV) जैसे लंबे समय वाले विकल्प। एयरपोर्ट पर किसी भी परेशानी से बचने के लिए सिर्फ आधिकारिक ई-वीजा पोर्टल का ही इस्तेमाल करें और टिकट बुक करने से पहले वीजा प्रोसेसिंग में लगने वाले समय की जांच कर लें।

सितंबर में भारत से थाइलैंड जाने वालों के लिए क्विक चेकलिस्ट

अपनी थाइलैंड पहुंचने की तारीख की तुलना 15 सितंबर के नए नियम से जरूर कर लें। प्रति व्यक्ति 20,000 बाहत का फंड, 30 दिन के अंदर का आगे का टिकट, होटल बुकिंग का प्रमाण और कम से कम 6 महीने की वैलिडिटी वाला पासपोर्ट साथ रखें। अगर आपको 30 दिन से ज्यादा वक्त बिताना है, तो एक्सटेंशन या सही ई-वीजा के लिए समय रहते तैयारी करें। एयरपोर्ट पर गहन जांच और असुविधा से बचने के लिए थोड़ा जल्दी पहुंचें और सभी जरूरी डाक्यूमेंट्स के प्रिंटआउट साथ रखें।