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अयोध्या के टीचर को मिलेगा राज्य स्तरीय पुरस्कार: 15 साल पहले हेडमास्टर की जिम्मेदारी संभाली थी, तब स्कूल में 18 बच्चे थे, अब 172 - Ayodhya News

September 1, 2026

स्कूल में बच्चों को आधुनिक तरीके से पढ़ाने के लिए स्मार्ट क्लास और एक्टिविटीज पर फोकस किया जाता है।

प्राथमिक विद्यालय ठेंऊंगा के टीचर (हेडमास्टर) पंकज द्विवेदी का राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए सिलेक्शन हुआ है। स्कूल में बच्चों की संख्या बढ़ाने, पढ़ाई का स्तर बेहतर करने और आधुनिक तरीके से पढ़ाने के लिए उन्हें यह सम्मान दिया जाएगा। उनके सिलेक्शन की खब

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पंकज द्विवेदी ने 15 फरवरी 2014 को ठेंऊंगा प्राथमिक विद्यालय में हेडमास्टर की जिम्मेदारी संभाली थी। उस समय स्कूल में सिर्फ 18 बच्चे पढ़ते थे। अब स्कूल में 172 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। यहां छह शिक्षक हैं।

बच्चों को खेल -खेल में पढ़ाते हुए पंकज द्विवेदी।

बच्चों को खेल -खेल में पढ़ाते हुए पंकज द्विवेदी।

स्मार्ट क्लास से पढ़ाई को बनाया आसान

स्कूल में बच्चों को आधुनिक तरीके से पढ़ाने के लिए स्मार्ट क्लास और गतिविधि आधारित पढ़ाई पर जोर दिया जाता है। कोविड के दौरान तत्कालीन जिलाधिकारी अनुज झा की पहल पर यहां स्मार्ट क्लास शुरू हुई थी। उस समय यह जिले का पहला प्राथमिक स्कूल था, जहां स्मार्ट क्लास शुरू हुई थी।

हेडमास्टर पंकज के अनुसार, स्कूल में कक्षा 1 से 5 तक स्मार्ट क्लास की सुविधा है। बच्चों को पढ़ाई के साथ खेल, रचनात्मक कार्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी शामिल किया जाता है।

बच्चों को पढ़ाई के साथ खेल, रचनात्मक कार्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी शामिल किया जाता है।

बच्चों को पढ़ाई के साथ खेल, रचनात्मक कार्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी शामिल किया जाता है।

प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बच्चों का सिलेक्शन

स्कूल के बच्चे पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। हर साल विद्यालय ज्ञान और अटल आवासीय विद्यालय की परीक्षाओं में यहां के बच्चों का सिलेक्शन होता है। कई विद्यार्थी मंडल स्तर की प्रतियोगिताओं में भी जीत हासिल कर चुके हैं।

कई स्टूडेंटस मंडल स्तर की प्रतियोगिताओं में भी जीत हासिल कर चुके हैं।

कई स्टूडेंटस मंडल स्तर की प्रतियोगिताओं में भी जीत हासिल कर चुके हैं।

2009 में शिक्षक बने थे पंकज

पंकज द्विवेदी का जन्म 8 मई 1985 को हुआ। वे पुराकाशीनाथ कोटसराय के रहने वाले हैं। उन्होंने प्राथमिक पढ़ाई बाराबंकी के सरस्वती शिशु मंदिर से की। इसके बाद अयोध्या के एसएसबी इंटर कॉलेज से 12वीं और साकेत महाविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की।

उन्होंने 10 फरवरी 2009 को प्राथमिक विद्यालय जलीलपुर रुदौली से शिक्षक के रूप में नौकरी शुरू की। इसके बाद उनका तबादला अमानीगंज के प्राथमिक विद्यालय पूरे छबिलाल में हुआ। 15 फरवरी 2014 को वे ठेंऊंगा के हेडमास्टर बने।

सिलेक्शन की खबर मिलते ही बधाई देने पहुंचे शिक्षक

राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए सिलेक्शन की खबर मिलते ही उनके आवास पर बधाई देने वालों की भीड़ जुट गई। शिक्षकों ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया और शुभकामनाएं दीं।

2014 में 18 बच्चों से शुरू हुआ स्कूल अब 172 विद्यार्थियों तक पहुंच चुका है। स्मार्ट क्लास, गतिविधि आधारित पढ़ाई और बेहतर शैक्षिक माहौल से स्कूल ने अपनी अलग पहचान बनाई है।