Full Dress Rehearsal on Independence Day 2026: 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले 13 अगस्त को लाल किले पर फुल ड्रेस रिहर्सल होगी। इसमें समारोह की सुरक्षा, प्रोटोकॉल और अन्य व्यवस्थाओं का अभ्यास किया जाएगा। रिहर्सल के चलते दिल्ली के कई इलाकों में ट्रैफिक प्रतिबंध और रूट डायवर्जन भी लागू रहेगा
Full Dress Rehearsal on Independence Day 2026: 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां अपने अंतिम दौर में पहुंच चुकी हैं। मुख्य समारोह से पहले 13 अगस्त को लाल किले पर फुल ड्रेस रिहर्सल होगी। इसके चलते दिल्ली के कई हिस्सों में सुबह से ट्रेफिक डायवर्जन और रास्तों को बंद किया गया है। लेकिन आखिर फुल ड्रेस रिहर्सल होती क्या है, इसमें क्या किया जाता है? साथ ही जानिए स्वतंत्रता दिवस से दो दिन पहले इसे आयोजित करने की जरूरत क्यों पड़ती है?
क्या होती है फुल ड्रेस रिहर्सल?
आसान भाषा में समझें तो फुल ड्रेस रिहर्सल मुख्य समारोह से पहले होने वाला एक अभ्यास है। इसमें समारोह से जुड़ी हर छोटी-बड़ी गतिविधियों और व्यवस्थाओं को लगभग उसी तरह परखा जाता है, जिस तरह उन्हें स्वतंत्रता दिवस के दिन किया जाना है।
यह केवल मंच पर होने वाले कार्यक्रम का अभ्यास नहीं होता। इसमें समारोह से जुड़े सुरक्षा इंतजाम, अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल, लोगों की आवाजाही, ट्रैफिक मैनेजमेंट और दूसरी जरूरी व्यवस्थाओं को भी जांचा-परखा जाता है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना होता है कि मुख्य समारोह के दिन किसी व्यवस्था में कोई कमी या परेशानी तो नहीं आ सकती।
लाल किले पर क्यों होती है ये खास तैयारी?
लाल किले का स्वतंत्रता दिवस समारोह बेहद खास आयोजन होता है। इस पर देश-दुनिया की नजरें टिकी होती हैं। क्योंकि 15 अगस्त को प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं और देश को संबोधित करते हैं। समारोह में बड़ी संख्या में खास मेहमान आते हैं।
ऐसे बड़े आयोजन में छोटी-सी चूक भी परेशानी पैदा कर सकती है। इसलिए मुख्य समारोह से पहले पूरी व्यवस्था को एक बार जमीन पर परख लिया जाता है। रिहर्सल के दौरान अगर किसी स्तर पर कमी सामने आती है तो उसे 15 अगस्त से पहले ठीक किया जा सकता है।
जानें लाल किले पर क्या-क्या दोहराया जाता है?
फुल ड्रेस रिहर्सल में स्वतंत्रता दिवस समारोह से जुड़ी प्रमुख औपचारिक और सुरक्षा व्यवस्थाओं का अभ्यास किया जाता है। इसमें सुरक्षा बलों की तैनाती, समारोह स्थल की सुरक्षा, मार्चिंग और अन्य समारोहिक गतिविधियां तथा अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय जैसी व्यवस्थाएं शामिल होती हैं।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी तय प्रोटोकॉल के मुताबिक परखा जाता है। यानी कौन-सी व्यवस्था किस समय और किस तरह से होगी, इसे पहले ही जांच लिया जाता है, ताकि 15 अगस्त को पूरा समारोह बिना किसी रुकावट के संपन्न कराया जा सके।
सिर्फ समारोह नहीं, ट्रैफिक व्यवस्था की भी होती है परीक्षा
फुल ड्रेस रिहर्सल का असर लाल किले के आसपास की सड़कों पर भी दिखाई देता है। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कई रास्तों पर सामान्य वाहनों की आवाजाही रोक दी जाती है और दूसरे मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जाता है।
13 अगस्त की रिहर्सल के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी व्यापक यातायात प्रतिबंधों की जानकारी दी है। लाल किले के आसपास सुबह 4 बजे से 10 बजे तक कई प्रमुख मार्गों पर सामान्य वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। लोगों को प्रभावित रास्तों से बचने और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।