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149 Kmph की रफ्तार... पहली ही गेंद पर बल्लेबाज ढेर, मयंक यादव ने रच दिया इतिहास

July 23, 2026

2 साल से ज्यादा बाद टीम इंडिया में लौटे मयंक यादव ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 में पहली ही गेंद पर विकेट लेकर इतिहास रच दिया। 149 किमी/घंटा की रफ्तार से ब्रायन बेनेट को आउट कर उन्होंने खास भारतीय रिकॉर्ड की बराबरी की।

करीब दो साल के लंबे इंतजार के बाद टीम इंडिया में लौटे तेज गेंदबाज मयंक यादव ने ऐसी शुरुआत की, जिसे क्रिकेट फैंस लंबे समय तक याद रखेंगे। हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में मयंक ने अपनी पहली ही गेंद पर विकेट लेकर न सिर्फ विरोधी टीम को झटका दिया, बल्कि भारतीय क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में भी अपना नाम दर्ज करा दिया। उनकी रफ्तार और सटीक लाइन ने साफ कर दिया कि चोट से वापसी के बाद भी उनका खौफ बरकरार है।

149 किमी/घंटा की रफ्तार, पहली गेंद पर ब्रायन बेनेट आउट

मयंक यादव ने अपनी वापसी की पहली गेंद 149 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से फेंकी। जिम्बाब्वे के बल्लेबाज ब्रायन बेनेट इस गेंद की गति और उछाल को समझ नहीं सके और डिफेंस करने की कोशिश में विकेटकीपर ईशान किशन को आसान कैच थमा बैठे।

इस विकेट के साथ मयंक यादव टी20 इंटरनेशनल में भारत की ओर से पारी की पहली गेंद पर विकेट लेने वाले चुनिंदा गेंदबाजों की सूची में शामिल हो गए। खास बात यह है कि वह यह कारनामा दूसरी बार कर चुके हैं। इससे पहले 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत में भी उन्होंने पहली गेंद पर विकेट लिया था।

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भुवनेश्वर, अर्शदीप और हार्दिक की खास सूची में शामिल

टी20 इंटरनेशनल में भारत के लिए पारी की पहली गेंद पर विकेट लेने का रिकॉर्ड बेहद खास माना जाता है। इस सूची में सबसे आगे भुवनेश्वर कुमार हैं, जिन्होंने तीन बार यह उपलब्धि हासिल की है। हार्दिक पंड्या और अर्शदीप सिंह भी ऐसा कर चुके हैं। अब मयंक यादव इस सूची में दो बार पहली गेंद पर विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज बन गए हैं। यह उपलब्धि उनकी स्विंग, रफ्तार और नई गेंद से खतरनाक गेंदबाजी की क्षमता को भी साबित करती है।

चोट के बाद शानदार कमबैक

मयंक यादव ने अक्टूबर 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ टी20 सीरीज से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। तीन मैचों में उन्होंने चार विकेट लेकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया, लेकिन इसके बाद चोट के कारण उन्हें लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहना पड़ा। आईपीएल में भी उनका सफर चोट से प्रभावित रहा। अब लगभग दो साल बाद टीम इंडिया में लौटते ही उन्होंने पहली गेंद पर विकेट लेकर यह संदेश दे दिया है कि वह पूरी तरह फिट हैं और भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण की बड़ी ताकत बनने के लिए तैयार हैं। उनकी यह वापसी आगामी बड़े टूर्नामेंटों से पहले टीम इंडिया के लिए बेहद सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

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