इंडियन ओवरसीज बैंक की बेमेतरा शाखा में हुए लाख रुपये के घोटाले में पुलिस ने मुख्य आरोपी और तत्कालीन शाखा प्रबंधक को तमिलनाडु के तंजावुर से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर बेमेतरा लाया है।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- Published: 01 Aug 2026, 10:08 AM IST
- Last Updated: 01 Aug 2026, 10:08 AM IST
बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में करोड़ों रुपये के बैंक घोटाले का बड़ा मामला सामने आया है। इंडियन ओवरसीज बैंक की बेमेतरा शाखा में हुए करीब 14 करोड़ 56 लाख रुपये के कथित घोटाले में पुलिस ने मुख्य आरोपी और तत्कालीन शाखा प्रबंधक विनीत दास को तमिलनाडु के तंजावुर से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर बेमेतरा लाया है। इस मामले में इससे पहले चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
180 खातों में नियमों को दरकिनार कर बांटे गए लोन
पुलिस जांच में सामने आया कि बैंक अधिकारियों और बिचौलियों ने मिलकर करीब 180 खातों में संदिग्ध तरीके से ऋण स्वीकृत किए। कई मामलों में जिन इकाइयों के नाम पर लोन दिया गया, वे या तो अस्तित्व में ही नहीं थीं या पहले से बंद थीं। स्वयं सहायता समूह (SHG) और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत भी निर्धारित सीमा से अधिक राशि स्वीकृत किए जाने के आरोप हैं।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे किया गया खेल
जांच के अनुसार, कई ऋण फर्जी जीएसटी दस्तावेज, नकली अभिलेख और बिना उचित मूल्यांकन के मंजूर किए गए। कुछ मामलों में जिस जमीन को आधार बनाकर लोन दिया गया, वह उधारकर्ताओं के नाम पर ही दर्ज नहीं थी। इतना ही नहीं, मत्स्य विभाग के नाम पर कथित फर्जी स्वीकृति पत्र लगाकर भी ऋण स्वीकृत किए गए और सब्सिडी का दावा तक नहीं किया गया।
इंडियन ओवरसीज बैंक की बेमेतरा शाखा में हुए लाख रुपये के घोटाले में पुलिस ने मुख्य आरोपी और तत्कालीन शाखा प्रबंधक को तमिलनाडु के तंजावुर से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर बेमेतरा लाया है। @BemetaraDist @BemetaraP #IndianOverseasBank #FraudCase pic.twitter.com/vqdKXEhWCS
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बिचौलियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों में शामिल बिचौलिये बैंक के भीतर सक्रिय रहकर ऋण स्वीकृत कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे। लोन की राशि का उपयोग भी निर्धारित उद्देश्य के बजाय अन्य कार्यों में किए जाने की बात सामने आई है।
2022 में दर्ज हुआ था मामला
इस पूरे प्रकरण की शिकायत वर्ष 2022 में बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक रज्जू पाटनवार ने दर्ज कराई थी। जांच के बाद तत्कालीन शाखा प्रबंधक विनीत दास सहित कमलेश सिन्हा, जोहन वर्मा, नागेश वर्मा और टीकाराम माथुर के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र, जालसाजी और गबन सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
इंडियन ओवरसीज बैंक की बेमेतरा शाखा में हुए लाख रुपये के घोटाले में पुलिस ने मुख्य आरोपी और तत्कालीन शाखा प्रबंधक को तमिलनाडु के तंजावुर से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर बेमेतरा लाया है। @BemetaraDist @BemetaraP pic.twitter.com/owaESsDBP2
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आगे भी जारी रहेगी जांच
बेमेतरा पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर धन की रिकवरी और इस घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। मामला अब न्यायालय में विचाराधीन रहेगा।
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