world-news

स्लीमनाबाद का नाम बदलकर हरिदासपुर होगा: जिला प्रशासन ने शासन को 14 बिंदुओं का प्रस्ताव भेजा; 1843 में अंग्रेज ने बसाया था कस्बा - Katni News

October 15, 2026

कटनी जिले के ऐतिहासिक कस्बे स्लीमनाबाद को हरिदासपुर नाम देने की प्रक्रिया तेज हो गई है। महान संत हरिदास जी महाराज की तपोभूमि के नाम पर कस्बे की पहचान बदलने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। जिला प्रशासन ने नाम परिवर्तन से संबंधित 14 बिंदुओं की रिपोर्

.

ग्राम सभा में सर्वसम्मति से पारित हुआ था प्रस्ताव

स्लीमनाबाद का नाम बदलकर हरिदासपुर करने की मांग स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं की ओर से उठाई जाती रही है। इस दिशा में ग्राम पंचायत स्लीमनाबाद की ग्राम सभा में प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया था। इसके आधार पर जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों से रिपोर्ट और अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जुटाए।

इस प्रक्रिया में एसडीएम बहोरीबंद, तहसीलदार स्लीमनाबाद, जनपद पंचायत बहोरीबंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, स्लीमनाबाद स्टेशन प्रबंधक और जबलपुर संभाग के प्रवर अधीक्षक डाकघर से जानकारी ली गई। इन विभागीय प्रतिवेदनों के आधार पर 14 सूत्रीय प्रस्ताव तैयार किया गया है।

संत हरिदास जी की तपोभूमि है प्रमुख आधार

नाम परिवर्तन के पीछे क्षेत्र की धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक जुड़ाव को प्रमुख आधार बताया गया है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, स्लीमनाबाद महान संत हरिदास जी महाराज की साधना और तपोभूमि रहा है। यहां स्थित प्राचीन मंदिर बंगला श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। क्षेत्र के लोगों की मांग है कि कस्बे को औपनिवेशिक काल के नाम के बजाय संत हरिदास जी के नाम से पहचान मिले।

1843 में अंग्रेज अधिकारी ने बसाया था कस्बा

ऐतिहासिक दस्तावेजों और राजस्व अभिलेखों के अनुसार, वर्ष 1843 में ब्रिटिश अधिकारी कर्नल विलियम हेनरी स्लीमन ने स्थानीय मालगुजार गोविंद से करीब 96 एकड़ जमीन लेकर यहां बस्ती बसाई थी। इसके बाद कस्बे का नाम स्लीमनाबाद पड़ा।

राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक, वर्ष 1909-10 में इस स्थान का नाम ‘कोहका उर्फ स्लीमनाबाद’ दर्ज था। वर्ष 1989-90 के बंदोबस्त के दौरान राजस्व अभिलेखों में इसे पूरी तरह स्लीमनाबाद नाम दिया गया।

रेलवे स्टेशन और डाकघर का नाम भी बदलने का प्रस्ताव

नाम परिवर्तन की प्रक्रिया में स्लीमनाबाद रोड रेलवे स्टेशन और स्थानीय मुख्य डाकघर का नाम भी हरिदासपुर करने का प्रस्ताव शामिल है। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे और डाक विभाग के अधिकारियों ने भी नाम परिवर्तन पर पूर्व सहमति दी है।

राज्य शासन की समीक्षा के बाद प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय भेजा जाएगा। इसके बाद ही आधिकारिक अधिसूचना जारी होने पर नाम परिवर्तन लागू हो सकेगा।