बांदा में गुरुवार को बदौसा-अतर्रा-खुरहंड रेलखंड पर स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाली विशेष ट्रेन ने ट्रायल में सभी तकनीकी मानकों को संतोषजनक पाया। रेल अधिकारियों ने इस सफलता को झांसी-मानिकपुर रेल दोहरीकरण परियोजना का महत्वपूर्ण चरण बताया।
बांदा। मंडल रेल प्रबंधक झांसी व संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) की मौजूदगी में गुरुवार को रेल दोहरीकरण परियोजना के तहत बदौसा-अतर्रा-खुरहंड रेलखंड पर गुरुवार को स्पीड ट्रायल लिया गया। इस दौरान स्पेशल ट्रेन 120 किलोमीटर गति से दौड़ी और ट्रायल पूरी तरह सफल होने पर अधिकारियों ने संतोष जाहिर किया। झांसी-मानिकपुर रेल दोहरीकरण परियोजना के तहत गुरुवार को रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) प्रणजीव सक्सेना व डीआरएम झांसी अनिरुद्ध कुमार की मौजूदगी में बदौसा-अतर्रा-खुरहंड रेलखंड पर 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से सफल स्पीड ट्रायल किया गया। उन्होंने बांदा स्टेशन पहुंचने के बाद गेट संख्या-472 से खुरहंड स्टेशन तक ट्रॉली के माध्यम से नव निर्मित रेल दोहरीकरण लाइन का गहन निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान ट्रैक, सिग्नलिंग, संरक्षा व्यवस्था एवं अन्य तकनीकी मानकों का परीक्षण किया गया। निरीक्षण के बाद खुरहंड स्टेशन से स्पेशल ट्रेन से दोपहर लगभग 12:30 बजे 120 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से स्पीड ट्रायल शुरू किया गया, जो बदौसा स्टेशन तक हुआ। ट्रायल के दौरान रेल लाइन के सभी तकनीकी एवं संरक्षा मानक संतोषजनक पाए गए। इसके बाद रेल संरक्षा आयुक्त एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी प्रयागराज के लिए रवाना हुए। मंडल रेल प्रबंधक अधिकारियों के साथ बांदा होते हुए झांसी चले गए। पूरे कार्यक्रम के दौरान रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की। सुरक्षा ड्यूटी में एक निरीक्षक, दो उपनिरीक्षक, एक सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) तथा 10 हेड कांस्टेबल एवं कांस्टेबल तैनात रहे। रेल अधिकारियों के अनुसार, स्पीड ट्रायल की सफलता झांसी-मानिकपुर रेल दोहरीकरण परियोजना का महत्वपूर्ण चरण है। इसके पूरा होने से इस रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित, तेज और सुगम होगा। यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन को भी लाभ मिलेगा। इस मौके पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) अजीत सिंह यादव व आरपीएफ निरीक्षक सुरुचि द्विवेदी सहित रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
