
सैमसन और अभिषेक कोई बाउंड्री नहीं जड़ सके.Image Credit source: PTI
टीम इंडिया ने लगातार 2 बार टी20 वर्ल्ड कप जीता है. रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने 2024 में खिताब जीता और फिर 2026 में सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में इस खिताब को बरकरार रखा. इसमें भी 2026 का खिताब तो टीम इंडिया ने अपने सबसे खतरनाक रूप में जीता है, जहां वो टी20 फॉर्मेट की बेस्ट टीम बनकर उभरी है. बल्लेबाज बाउंड्रियों में बात करते हैं. मगर वेस्टइंडीज के खिलाफ इंदौर में तीसरे टी20 मैच में भारतीय टीम लगातार 2 ओवर में एक भी बाउंड्री नहीं लगा सकी.
सैमसन-अभिषेक नहीं लगा सके बाउंड्री
होलकर स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करने उतरी थी. एक बार फिर टीम के लिए बल्लेबाजी की शुरुआत अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की जोड़ी कर रही थी, जिन्होंने पिछले दोनों मैच में तेज शुरुआत दिलाई थी और अक्सर अपनी ताबड़तोड़ बैटिंग से मैच का रुख तय करते रहे हैं. मगर इस बार दोनों ने जैसी शुरुआत की, वो एकदम चौंकाने वाली और प्रतिष्ठा के विपरीत रही.
वेस्टइंडीज के स्पिनर रॉस्टन चेज ने गेंदबाजी की शुरुआत की और उनके ओवर में सिर्फ 4 रन आए. ये चारों रन सिंगल्स से ही आए थे. फिर दूसरे ओवर में तेज गेंदबाज शमार जोसेफ ने अटैक किया और उनकी रफ्तार ने तो दहला ही दिया. इस ओवर में भारतीय टीम ने न सिर्फ संजू सैमसन का विकेट गंवाया, बल्कि सिर्फ 7 रन ही बटोर सके. इसमें से 4 रन बाई के आए. इस तरह शुरुआती 2 ओवर के बाद भारत का स्कोर 1 विकेट के नुकसान पर सिर्फ 11 रन रहा.
76 मैच का सिलसिला टूटा
ये स्कोर भारतीय बैटिंग के विस्फोटक अंदाज से बिल्कुल जुदा था. इसके साथ ही पिछले 33 महीनों और लगातार 76 मैच से चला आ रहा सिलसिला भी टूट गया. असल में जनवरी 2024 के बाद ये पहला टी20 मैच था, जिसमें भारतीय बल्लेबाज शुरुआती 2 ओवर में एक भी बाउंड्री नहीं लगा सके थे. 2024 के मैच से इंदौर के मुकाबले के बीच भारतीय टीम ने 76 टी20 मैच खेले और हर बार कम से कम एक बाउंड्री शुरुआती 12 गेंदों में जरूर जड़ी थी लेकिन वेस्टइंडीज ने इस सिलसिले को तोड़ दिया.

सुमित सुन्द्रियाल
इस वक्त TV9 हिंदी (स्पोर्ट्स 9) में असिस्टेंट न्यूज एडिटर (स्पोर्ट्स) की भूमिका में हूं. यहां तक पहुंचने की शुरुआत 2009 से हुई, जब जामिया मिल्लिया इस्लामिया में मास मीडिया ऑनर्स कोर्स (2009-12) में एडमिशन लिया. फिर 2013 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से हिंदी पत्रकारिता में पोस्ट-ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा किया. यहीं से 2013 में पहली बार पेशेवर पत्रकारिता में कदम रखे और सबसे पहले न्यूज 18 इंडिया टीवी चैनल में जगह बनाई. डिजिटल पत्रकारिता में एंट्री लेने से पहले करीब 6 साल टीवी इंडस्ट्री में ही गुजरे, जहां असानमेंट डेस्क पर काम किया. असाइनमेंट डेस्क पर रहते हुए जानकारी जुटाना सबसे अहम काम होता है और उस खबर के हर पहलू को जांचना और उसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होती है. यही काम न्यूज 18 इंडिया में रहते हुए किया. इसके बाद खेल और खेल की खबरों के मोह ने डिजिटल जर्नलिज्म की ओर मोड़ा और एक नया सफर शुरू हुआ. इसकी शुरुआत IPL 2019 के दौरान हुई, जब क्विंट हिंदी का दामन थामा. एक साल क्विंट के साथ खेल की खबरें लिखने के बाद इसी काम में नया मुकाम हासिल करने के लिए TV9 हिंदी से रिश्ता जुड़ा. पिछले 3 साल से यहीं पर खेल की हर छोटी-बड़ी, गंभीर और मजेदार खबरें आप तक पहुंचा रहां हूं और लगातार बेहतर तरीके से पेश करने का प्रयास कर रहा हूं.
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