कार्यक्रम में मंच पर बैठे पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, साथ में पूर्वमंत्री ओपी धनखड़।
झज्जर जिले के गांव माजरा दूबलधन स्थित तपोभूमि जटेला धाम में शनिवार को स्वामी नितानंद महाराज का 227वां निर्वाण दिवस श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार मुख्य अतिथि के रूप में पह
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मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने जटेला धाम में तुलसी का पौधा लगाकर तुलसी रोपण अभियान की शुरुआत की। इस दौरान स्वामी नितानंद महाराज पर केंद्रित हरियाणवी लोक महाकाव्य का भी लोकार्पण किया गया।
मंत्री पंवार बोले- संतों ने हमेशा सही दिशा दिलाई
पंवार ने कहा कि संत-महात्माओं ने जप, तप और साधना के जरिए समाज को हमेशा सही दिशा दिखाई है। स्वामी नितानंद महाराज ने मानवता, सेवा, सद्भाव और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों की सेवा और समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलना संतों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
मंत्री ने जटेला धाम की ओर से किए जा रहे सामाजिक सेवा कार्यों की सराहना करते हुए स्वामी नितानंद आयुर्वेदिक चिकित्सा संस्थान के लिए 11 लाख रुपए देने की घोषणा की।

निर्वाण दिवस पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार।
पर्यावरण और नशामुक्ति पर जोर
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गीता मनीषी महामंडलेश्वर ज्ञानानंद महाराज ने पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति अभियान में भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गीता में भी पर्यावरण संरक्षण का संदेश मिलता है।
उन्होंने कहा कि महंत राजेंद्र दास के नेतृत्व में जटेला धाम सामाजिक जागरूकता का केंद्र बन रहा है। यहां से सेवा, समाजोत्थान और वसुधैव कुटुंबकम का संदेश लोगों तक पहुंच रहा है।
‘पर्यावरण संरक्षण का पर्याय बना जटेला धाम’
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि जटेला धाम पर्यावरण संरक्षण का पर्याय बन गया है। उन्होंने कहा कि समाज में भाईचारा और सामाजिक समरसता मजबूत करने के लिए हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
1 लाख से अधिक तुलसी के पौधे लगाने का दावा
महंत राजेंद्र दास ने कहा कि स्वामी नितानंद महाराज समाज के लिए प्रेरणा के महान स्तंभ थे। उन्होंने बताया कि जटेला धाम की संगत नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में लगातार काम कर रही है। संगत की ओर से अब तक एक लाख से अधिक तुलसी के पौधे लगाए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि पौधा लगाना जितना जरूरी है, उसकी देखभाल करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। स्वामी नितानंद महाराज की शिक्षाओं और विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य आगे भी जारी रहेगा। सेवा, सद्भाव, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना ही समाज को बेहतर दिशा देने का माध्यम है।