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गिरनार तीर्थयात्रा के दौरान शेर के हमले में 11 साल के लड़के की मौत, प्रत्‍यक्षदर्शी ने बताया कैसे हुआ हादसा?

July 12, 2026

Time Updated: Sunday, July 12, 2026, 10:50 [IST]

Gujarat: गुजरात के गिरनार से दर्दनाक हादसे की खबर आई है। शनिवार को तड़के गिरनार की सीढ़ियों पर चढ़ते समय एक 11 साल के लड़के को शेर घसीट ले गया जिसमें उसकी मौत हो गई है। ये लड़का गुजरात के खेड़ा जिले का रहने वाला था। इस घटना के बाद तीर्थयात्रियों में दहशत है। बच्‍चे पर ये हमला गिरना की 50वीं सीढ़ी पर तड़के चढ़ाई के दौरान हुआ। जिसके बाद वन विभाग ने रास्‍ता बंद कर दिया है और तीन शोरों को पकड़ लिया है।

गिरनार वाइल्डलाइफ डिवीज़न के डिप्टी कंज़र्वेटर ऑफ़ फॉरेस्ट्स (DCF) अक्षय जोशी ने मीडिया को दिए इंटरव्‍यू में बताया कि खेड़ा जिले का रहने वाला 11 वर्षीय मयूर चौहान अपने परिवार के साथ गिरनार तीर्थीयात्रा करने के लिए आया था। इसने और इसके परिवार वालों ने शनिवार को तड़के पहाड़ी पर चढ़ना शुरू किया। तभी 50 सीढ़ी पर ये हमला हुआ। वन विभाग के कर्मचारियों और ट्रैकर्स ने तलाशी अभियान चलाया और बाद में जंगल से बच्‍चे के शरीर के अवशेष बदामद हुए।

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क्‍यों शेर हुआ आक्रामक, प्रत्‍यक्षदर्शी ने बताई वजह

एचटी की रिपोर्ट के अनुसार पालनपुर के यहां आए तीर्थयात्री राज वागडोडा ने बताया कि वो और उनके भाई ने सुबह करीब गिरिनार की सीढ़ी पर 3:45 बजे चढ़ाई शुरू की थी। हम 55वीं सीढ़ी तक पहुंच गए तभी हमें पीछे लोगों को चिल्लाने की आवाजें सुनी। उन्‍होंने बताया कि हम लगभग 10 सीढ़ी पीछे गए तब देखा कि कुछ लोग शेर पर टॉर्च की रोशनी मार रहे हैं और उसे छेड़ रहे थे और चिल्‍ला रहे थे। शेर उत्‍तेजित लग रहा था। शायद इसी वजह से शेर ने बाद में बच्‍चे पर हमला किया हो।

गिरनार पर्वत पर कौन से है तीर्थस्‍थल?

गुजरात के जूनागढ़ में स्थित गिरनार पर्वत पर हिंदू और जैन दोनों धर्मों के तीर्थ स्‍थल हैं। जैने धर्म के 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ की तपोस्‍थली है। यहां पर उन्‍होंने दीक्षा प्राप्‍त की थी और यहीं पर मोक्ष यानी निर्वाण प्रात्‍प किया था। यहा पर कुल पांच टोंक यानी शिखर है औरे नेमिनाथ और मल्लिनाथ मंदिर हैं।

दत्‍तात्रेय की सिद्धपीठ

इसके अलावा भगवान दत्‍तात्रेय की सिद्धपीठ है। मान्‍यता है कि यही पर भगवान दत्‍तात्रेय ने 12 हजार वर्षों तक कठोर तपस्‍या की थी। यहीं पर उनकी पवित्र चरण पादुकाएं हैं।

51वां शक्तिपीठ मां अंबा माता का मंदिर

यहीं पर मां अंबा माता का प्रसिद्ध और ऐतिहासिक मंदिर है। गिरनार की चोटी पर स्थि ये मंदिर मां के 51शक्तिपीठों में एक है। यहां पर नवविवाहित जोड़े आर्शीवाद लेने के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्‍या में मां अंबा के भक्‍त यहां सीढ़ी पर चढ़ाई चढ़कर दर्शन के लिए आते हैं।