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साई किशोर ने इंग्लैंड में किया कमाल; 'घातक पंजा' मारकर टीम को जिताया; 107 साल बाद हुआ ऐसा

September 6, 2026

Sep 06, 2026 01:08 pm ISTब्रिस्टल, वार्ता

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29 वर्षीय आर साई किशोर इन दिनों इंग्लैंड में काउंटी चैंपियनशिप में खेल रहे हैं। वह ग्लॉस्टरशायर टीम का हिस्सा हैं। भारतीय स्पिनर ने डर्बीशायर के खिलाफ 'घातक पंजा' मारकर अपनी टीम को जीत दिलाई।

R Sai Kishore

आर साई किशोर

आर साई किशोर की बेहतरीन गेंदबाजी की बदौलत ग्लॉस्टरशायर ने काउंटी चैंपियनशिप डिविजन दो मैच में डर्बीशायर पर 213 रनों से धमाकेदार जीत दर्ज की। ब्रिस्टल के सीट यूनिक स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में ग्लॉस्टरशायर के इस विदेशी खिलाड़ी ने 18 ओवर में 20 रन देकर 5 विकेट लिए। 319 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही बेबस डर्बीशायर की टीम आखिरी सत्र में 39 ओवर के अंदर केवल 105 रन पर सिमट गई। एड मिडलटन ने 17 रन देकर 2 विकेट और ओली प्राइस ने 59 रन देकर 3 विकेट लिए। डर्बीशायर के सभी 10 विकेट स्पिन गेंदबाजो ने झटके। यह घरेलू टीम के लिए किस्मत में शानदार बदलाव था, क्योंकि मैच के पहले दिन उसका स्कोर पांच विकेट पर मात्र 37 रन था। इससे पहले ग्लॉस्टरशायर ने अपनी दूसरी पारी में 210 रन और जोड़े। माइल्स हैमंड ने 118 और विकेटकीपर जेम्स ब्रेसी ने नाबाद 104 रन बनाए। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 165 रन की बड़ी साझेदारी की और ग्लॉस्टरशायर ने 5 विकेट पर 359 रन बनाकर पारी घोषित की। ब्रेसी 2007 में ग्लॉस्टर के आर्कडेकन मीडो में एलेक्स गिडमैन के बाद प्रथम श्रेणी मैच में दो शतक लगाने वाले ग्लॉस्टरशायर के पहले खिलाड़ी बने।

हार का सिलसिला हुआ समाप्त

तालिका में सबसे नीचे चल रही ग्लॉस्टरशायर ने 19 अंक हासिल किए और लगातार छह हार का सिलसिला समाप्त किया। इस सीजन में उसकी दोनों जीत डर्बीशायर के खिलाफ ही आई हैं। ब्रिस्टल से डर्बीशायर को सिर्फ चार अंक मिले और टीम को भारी निराशा के साथ लौटना पड़ा। जब ग्लॉस्टरशायर ने 3 विकेट पर 149 रन से आगे खेलना शुरू किया, तब डर्बीशायर को जल्दी विकेट लेने की ज़रूरत थी। लेकिन फील्डिंग में उससे कई गलतियां हुईं। शोएब बशीर ने अपनी ही गेंद पर ब्रेसी का कैच छोड़ दिया, तब उनका स्कोर सिर्फ 5 रन था। वहीं मैट मॉन्टगोमरी ने वापसी का कैच हाथ से निकाल दिया और हैमंड को 77 रन पर जीवनदान मिल गया। ग्लॉस्टरशायर की चौथे विकेट की जोड़ी ने इसका पूरा फ़ायदा उठाया और 143 गेंदों में शतकीय साझेदारी कर मैच पर अपना दबदबा बना लिया। ब्रेसी ने 75 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। वहीं हैमंड ने जैक मॉर्ली की गेंद को फाइन लेग की ओर खेला और दो रन लेकर 182 गेंदों में इस सीजन का अपना तीसरा और करियर का आठवां प्रथम श्रेणी शतक पूरा किया।

107 साल बाद हुआ ये कारनामा

डर्बीशायर ने नई गेंद ली और तेज गेंदबाज बेन एटचिसन और ब्रेट रैंडेल को दोबारा गेंदबाजी पर लगाया। लेकिन ब्रेसी और हैमंड ने लंच तक स्कोर को 3 विकेट पर 268 रन तक पहुंचा दिया। ग्लॉस्टरशायर को सुरक्षित स्थिति में पहुंचाने के बाद हैमंड ने मार्टिन एंडरसन की गेंद को मिडविकेट की ओर खेला, जहां मॉन्टगोमरी ने उनका कैच पकड़कर उनकी पारी खत्म कर दी। हैमंड ने समझदारी से डिफेंस और आक्रमण का अच्छा संतुलन बनाकर बल्लेबाजी की थी। इसके बाद ब्रेसी भी तीन अंकों तक पहुंच गए। उन्होंने 143 गेंदों पर सात चौकों और दो छक्कों की मदद से इस सीजन का अपना पांचवां शतक पूरा किया और टीम ने पारी घोषित कर दी। इसके साथ ही ब्रेसी ने खास कारनामा अंजाम दिया। वह 1919 में हैरी स्मिथ के बाद एक मैच में दो शतक लगाने वाले ग्लॉस्टरशायर के पहले विकेटकीपर बने।

किशोर ने लिए लगातार गेंद पर विकेट

डर्बीशायर को जीत के लिए लगभग सात रन प्रति ओवर की दर से रन बनाने थे, लेकिन उसकी कोशिश जीत से ज्यादा मैच बचाने तक ही सीमित रही। ग्लॉस्टरशायर ने दोनों छोर से स्पिन गेंदबाजी शुरू की और बल्लेबाज के आसपास करीबी फील्डर लगा दिए। चाय के बाद पहले ही ओवर में साई किशोर ने लगातार दो गेंदों पर दो विकेट लेकर डर्बीशायर की मुश्किलें और बढ़ा दीं। भारत के इस अंतरराष्ट्रीय गेंदबाज ने पहले हैरी केम को पगबाधा किया और फिर मॉन्टगोमरी को बोल्ड कर दिया। ब्रिस्टल पवेलियन वाले छोर से गेंद को ख़ूब घुमा रहे किशोर ने कुछ ही देर बाद वेन मैडसन का कैच सेकंड स्लिप में पकड़ा दिया। उस समय डर्बीशायर का स्कोर 3 विकेट पर 32 रन था और टीम दबाव में थी। इसके बाद हालात और खराब हो गए। मोहम्मद नईम गेंद के पास जल्दी पहुंचकर शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद नीची रही और वह प्राइस की गेंद पर पगबाधा हो गए।

50 रन से पहले गिर गए 6 विकेट

डर्बीशायर का स्कोर 6 विकेट पर 41 रन हो चुका था और टीम बुरी तरह लड़खड़ा रही थी। तभी किशोर ने तीन गेंदों के अंदर एन्यूरिन डोनाल्ड और ब्रुक गेस्ट को बोल्ड कर दिया। इस धीमी गति के बाएं हाथ के गेंदबाज ने आठ ओवर पूरे होने से पहले ही पांच विकेट पूरे कर लिए। एशले डाउन रोड वाले छोर से प्राइस की जगह मिडलटन ने गेंदबाजी संभाली और एटचिसन का कैच प्राइस ने सेकंड स्लिप में पकड़ लिया। उस समय स्कोर 7 विकेट पर 76 रन था। डर्बीशायर की ओर से लगातार कुछ देर तक संघर्ष करने वाले एंडरसन को मिडलटन ने आगे आने पर मजबूर किया और उनके बल्ले का किनारा लगा कैच पहली स्लिप में चला गया। वह 35 रन बनाकर आउट हुए और ग्लॉस्टरशायर जीत के क़रीब पहुंच गया। इसके बाद प्राइस ने जैक मॉर्ली को पगबाधा किया और फिर रैंडेल को भी सामने पाकर पारी का अंत कर दिया। प्राइस ने मैच में कुल 104 रन देकर 9 विकेट लिए और ग्लॉस्टरशायर के खिलाड़ियों व समर्थकों के बीच जोरदार जश्न शुरू हो गया।

लेखक के बारे में

Md.Akram

मोहम्मद अकरम: खेल पत्रकार

परिचय: मोहम्मद अकरम 10 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रॉड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। इन्हें खेल और राजनीति की दुनिया में गहरी दिलचस्पी है। क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़े अपडेट्स, मैच एनालिसिस और स्टोरी रिसर्च बखूबी अंजाम देते हैं। अकरम का मानना है कि खेल पत्रकारिता सिर्फ स्कोर बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल की भावना, खिलाड़ियों की मेहनत और उससे जुड़ी कहानियों को सामने लाना भी उतना ही जरूरी है।

अनुभव: अकरम को कंटेंट रिसर्च, स्क्रिप्ट राइटिंग, स्टोरीटेलिंग और एडिटिंग का अच्छा अनुभव है। 2016 में अमर उजाला की ओर से पत्रकारिता में डेब्यू किया। 2019 में टाइम्स नाउ से जुड़े और पांच साल यहां रहे। साल 2022 से लाइव हिंदुस्तान का हिस्सा हैं। डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और ऑडियंस बिहेवियर को समझकर कंटेंट तैयार करते हैं, जो प्रभावशाली हो। ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, एशियन गेम्स, क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल जैसे इवेंट कवर किए हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि: अकरम ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से बी.ए. (ऑनर्स) मास मीडिया और आईआईएमसी से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। शैक्षणिक पृष्ठभूमि और प्रोफेशनल अनुभव ने अकरम को मीडिया की बुनियादी समझ के साथ-साथ प्रैक्टिकल अप्रोच भी दी है। सीखते रहना और खुद को लगातार अपडेट करना प्रोफेशनल आदतों में शामिल है।

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