entertainment

102 डिग्री बुखार में Lata Mangeshkar ने रिकॉर्ड किया ये गाना, रफी ने भी लगाए सुर; 65 साल बाद भी रुलाता है गीत - lata mangeshkar recorded song ehsaan tera hoga mujh par in 102 high fever sung by mohammed rafi too starring saira banu and shammi kapoor

August 7, 2026

लता मंगेशकर ने एक गाना 102 डिग्री बुखार में रिकॉर्ड किया था। इस गाने को मोहम्मद रफी ने भी गाया। गाने के बनने के पीछे की कहानी दिलचस्प है। ...और पढ़ें

102 डिग्री बुखार में लता दीदी ने गाया ये गाना

102 डिग्री बुखार में लता दीदी ने गाया ये गाना

HighLights

  1. जब तेज बुखार में लता मंगेशकर ने गाया ये गाना

  2. आज भी अमर है ये सदाबहार गीत

  3. गाने के बनने के पीछे की दिलचस्प है कहानी

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के ऐसे कई गीत हैं, जो बड़े ही यादगार रहे हैं। अब उन गीतों के यादगार बनने के पीछे उनका हिट होना तो है ही, साथ ही में उन गीतों के बनने के पीछे की कहानी भी बड़ी दिलचस्प रही है। स्वर कोकिला रहीं लता मंगेशकर का एक ऐसा ही गाना है जो खूब हिट हुआ लेकिन उसे दीदी ने 102 डिग्री बुखार में रिकॉर्ड किया था। इसके पीछे की कहानी भी काफी हैरान करने वाली है। आइए जानते हैं उसी गीत की दास्तां...

कौन सा है वो गाना?

अब ऐसे तो लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar Songs) ने अपने करियर में एक से बढ़कर एक हिट और यादगार गीत दिए हैं। हालांकि एक गीत ऐसा भी था, जिसके बनने के पीछे की कहानी दिलचस्प थी। लता दीदी अपने काम के प्रति कभी भी गैर-जिम्मेदार नहीं थीं। यही वजह है कि वो हर संगीतकार और फिल्म प्रोड्यूसर-डायरेक्टर की पहली पसंदीदा आवाज हुआ करती थीं।

आज जिस गाने का जिक्र हम कर रहे हैं वो गाना है साल 1961 में आई फिल्म 'जंगली' (Junglee Movie) का और गाने का नाम है 'एहसान तेरा होगा मुझ पर' (Ehsaan Tera Hoga Mujh Par)। इस गाने में शम्मी कपूर और सायरा बानो नजर आए थे। इस फिल्म के बाद सायरा बानो का करियर सुपरहिट हो गया था।

ehsanw

102 डिग्री बुखार में लता दीदी ने की रिकर्डिंग

दरअसल इस गाने की रिकॉर्डिंग का किस्सा काफी दिलचस्प है। दरअसल इस गाने को मोहम्मद रफी और लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी थी। गाने की रिकॉर्डिंग जब हो रही थी तो उससे पहले लता दीदी बीमार पड़ गई थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस गाने के मेल वर्जन को मोहम्मद रफी (Mohammed Rafi) पहले ही गा चुके थे। जब लता मंगेश8कर की डबिंग का दिन आया, तो उन्हें 102 डिग्री से ज्यादा तेज बुखार था।

ehsan

डॉक्टर ने उन्हें घर पर आराम करने को कहा था। लेकिन स्टूडियो में पूरी म्यूजिशियन टीम, आर्केस्ट्रा और कंपोजर शंकर-जयकिशन तैयार थे। लता जी का मानना था कि अगर वह उस दिन नहीं जातीं, तो पूरी टीम की मेहनत बेकार जाती और सबका नुकसान होता। इसलिए उन्होंने बुखार होने के बाद भी गाने की रिकॉर्डिंग की।

गाने का संगीत शंकर-जयकिशन (Shankar-Jaikishan) ने तैयार किया था और इसे हसरत जयपुरी ने लिखा था। कहा जाता है कि हसरत जयपुरी (Hasrat Jaipuri) ने गाना अपनी रियल लाइफ से इंस्पायर्ड होकर लिखा था। जिस लड़की को वो पसंद करते थे, उसी कहानी पर उन्होंने ये गाना लिखा और बाद में ये गाना हमेशा के लिए सदाबहार बन गया।  

आज भी इस गाने को पसंद करने वालों की फेहरिस्त काफी लंबी है। गाना आज भी सोशल मीडिया पर ट्रेंड होता हुआ नजर आ ही जाता है। यही वजह है कि करीब 65 साल बाद भी ये गाना लोगों की जुबान पर है।