कक्षा 6 की छात्रा आयशा ने 'मिटस्योर मैथमैटिक्स ओलंपियाड' में स्कूल, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की। इसके बाद जयपुर में हुए इंटरव्यू में सभी सवालों के सही जवाब देकर अपना चयन पक्का किया।
नारनौल की 10 साल की आयशा जाएगी NASA।
- Published: 18 Aug 2026, 05:27 PM IST
- Last Updated: 18 Aug 2026, 05:27 PM IST
नारनौल की बेटी का कमाल: हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल के गांव भाखंरी की 10 वर्षीय छात्रा आयशा ने अपनी प्रतिभा के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आयशा का चयन अमेरिका स्थित अंतरिक्ष एजेंसी NASA के शैक्षणिक भ्रमण के लिए हुआ है। वह अगले महीने अमेरिका जाकर NASA का दौरा करेगी। उसकी इस उपलब्धि से परिवार, स्कूल और गांव में खुशी का माहौल है।
आयशा गांव गोद बलाहा स्थित कर्मभूमि विंग स्कूल में कक्षा छठी की छात्रा है। उसने पांचवीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान मिटस्योर मैथमैटिक्स ओलंपियाड में हिस्सा लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं के सफर की शुरुआत की थी।
आयशा ने स्कूल स्तर पर किया पहला स्थान हासिल
आयशा ने बताया कि ओलंपियाड में सबसे पहले उसने स्कूल स्तर की परीक्षा दी थी। इसमें उसने प्रथम स्थान हासिल किया। इसके बाद उसने जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और लगातार बेहतर प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद उसे जयपुर में आयोजित इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। यहां तीन सदस्यीय ज्यूरी ने उससे अलग-अलग विषयों से जुड़े सवाल पूछे।
इंटरव्यू में लगभग सभी सवालों के दिए सही जवाब
आयशा के मुताबिक, इंटरव्यू के दौरान ज्यूरी ने उससे कई सवाल पूछे। उसने लगभग सभी सवालों के सही जवाब दिए। उसके प्रदर्शन के आधार पर उसका चयन NASA के शैक्षणिक भ्रमण के लिए किया गया।
फिलहाल आयशा के पासपोर्ट की प्रक्रिया चल रही है। अगले महीने उसके अमेरिका रवाना होने की उम्मीद है। इतनी कम उम्र में NASA के शैक्षणिक भ्रमण का मौका मिलने से परिवार बेहद उत्साहित है।
नौसेना से रिटायर हैं पिता
आयशा के पिता राजकुमार भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में परिवार ने प्रतियोगिता को सामान्य परीक्षा समझकर ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया था। लेकिन जब आयशा ने जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर लगातार सफलता हासिल की, तब परिवार को उसकी प्रतिभा का अंदाजा हुआ। उन्होंने कहा कि बेटी की उपलब्धि पर पूरे परिवार को गर्व है और वह उसके भविष्य के लिए हर संभव सहयोग करेंगे।
मां बोलीं- पढ़ाई को लेकर बेहद मेहनती है बेटी
आयशा की मां स्नेहलता ने बताया कि उनकी बेटी शुरू से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर और मेहनती रही है। वह नियमित रूप से पढ़ाई करती है और स्कूल के बाद करीब तीन से चार घंटे ट्यूशन भी जाती है।
घर के छोटे-मोटे कामों में परिवार का हाथ बंटाने के बावजूद आयशा ने पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय निकाला। परिवार में आयशा सबसे बड़ी बेटी है। उसके बाद छोटी बहन वंशिका और सबसे छोटा भाई रेयांश हैं।
गणित में खास रुचि
स्कूल प्रबंधन के अनुसार आयशा शुरू से ही मेधावी छात्रा रही है। गणित विषय में उसकी विशेष रुचि है और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी उसने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।
स्कूल की डायरेक्टर डॉ. रीना यादव और आशा यादव ने आयशा की उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि NASA का शैक्षणिक भ्रमण आयशा के लिए विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान को करीब से समझने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।
आयशा की इस उपलब्धि से गांव और आसपास के क्षेत्र में भी खुशी है। परिजनों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने उसे बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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