अमेरिका ने ईरान पर लगातार 10वें दिन एयरस्ट्राइक की है। अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।
अमेरिका ने ईरान पर लगातार 10वें दिन एयरस्ट्राइक की है। (Ai Image)
- Published: 21 Jul 2026, 10:02 AM IST
- Last Updated: 21 Jul 2026, 10:02 AM IST
US strikes on Iran: अमेरिका की सेना ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को और तेज कर दिया है। मध्य पूर्व (West Asia) में चल रहे व्यापक संघर्ष के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान पर लगातार 10वें दिन भी एयरस्ट्राइक की। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य तेहरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, ताकि क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बहाल की जा सके।
CENTCOM ने दी हमलों की जानकारी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि ये ताजा हमले राष्ट्रपति (कमांडर इन चीफ) के निर्देश पर किए गए हैं। इन हमलों का मकसद उन ईरानी सैन्य क्षमताओं को और अधिक नष्ट करना है, जिनका इस्तेमाल होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कमर्शियल जहाजों पर हमला करने के लिए किया जा रहा था।
Today at 4 p.m. ET, U.S. forces began a new round of strikes against Iran at the Commander in Chief's direction. The strikes are designed to further degrade Iranian military capabilities used to attack commercial shipping in the Strait of Hormuz.
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 20, 2026
शिराज और अन्य शहरों में धमाकों की गूंज
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने जानकारी दी कि स्थानीय समयानुसार रात करीब 1 बजे दक्षिण-पश्चिमी शहर शिराज में जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई। IRIB के अनुसार, शहर में दो जगहों (एक पूर्व और एक पश्चिम में) को निशाना बनाया गया।
दूसरी ओर, इस्फहान प्रांत के डिप्टी गवर्नर ने IRIB को बताया कि इस्फहान शहर या प्रांत में किसी भी तरह की 'दुश्मन की आक्रामकता या विस्फोट' की घटना नहीं हुई है। यह बयान अर्ध-सरकारी मेहर न्यूज एजेंसी की शुरुआती रिपोर्ट के विपरीत था। इसके अलावा, बुशहर के गवर्नर ने भी साफ किया कि वहाँ सुनाई देने वाली धमाकों की आवाजें वायु रक्षा प्रणालियों (defense systems) की सक्रियता से जुड़ी हुई थीं।
कुवैत में अमेरिकी बेस पर ईरानी जवाबी हमला
जवाबी कार्रवाई के तहत, ईरान ने कुवैत के कैंप आरिफजान (Camp Arifjan) में तैनात अमेरिकी HIMARS मिसाइल सिस्टम को निशाना बनाया। तेहरान का कहना है कि यह पूरे क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और संपत्तियों पर चल रहे हमलों के अभियान का ही एक हिस्सा है। इसके अलावा, ईरान ने अमेरिका के सहयोगी देशों जैसे कुवैत, जॉर्डन और बहरीन (जहाँ अमेरिकी नौसेना का 5वां बेड़ा स्थित है) पर भी हमले किए हैं।
ट्रंप की कड़ी चेतावनी- 'कई गुना चुकाना होगा मूल्य'
जॉर्डन में एक अमेरिकी बेस पर हुए ईरानी हमलों में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे। इस घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक तीखी और कड़ी चेतावनी जारी की।
ट्रंप ने लिखा कि जब भी ईरान किसी अमेरिकी सैनिक की हत्या करेगा, उसे इसके लिए कई गुना कीमत चुकानी होगी। उन्होंने यह निर्देश युद्ध सचिव पीट हेगसेथ (Pete Hegseth), ज्वॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डेनियल केन (Daniel Caine) और सेना के हर नेता को दे दिया है।
शहीद सैनिकों के नाम और पेंटागन के आंकड़े
पेंटागन ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी बेस पर जान गंवाने वाले दोनों सैनिकों की पहचान उजागर की है। इनमें 25 वर्षीय 1st लेफ्टिनेंट टायलर जेम्स फीहान (हवाई के इवा बीच से) और 19 साल की प्राइवेट इसाबेला गोंजालेज (टेक्सास के कैरोलटन से) शामिल हैं। पेंटागन के अनुसार, मौजूदा ईरान युद्ध के दौरान अब तक कुल 17 अमेरिकी सैनिक अपनी जान गंवा चुके हैं।