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जमुई के 10 स्कूल बने आदर्श विद्यालय: मुख्यमंत्री ने किया वर्चुअल उद्घाटन, स्मार्ट क्लास-ई-लाइब्रेरी की सुविधा, करियर काउंसलिंग भी मिलेगी - Jamui News

July 19, 2026

जमुई जिले के 10 उच्च माध्यमिक विद्यालयों को रविवार को 'सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय)' के रूप में नई पहचान मिली। यह बिहार सरकार के "विकसित भारत-समृद्ध बिहार" विजन का हिस्सा है।

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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बेगूसराय से वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के कुल 551 आदर्श विद्यालयों का उद्घाटन किया, जिसमें जमुई के ये चयनित विद्यालय भी शामिल थे।

जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम जमुई प्रखंड के सतायन स्थित नवनामित सरस्वती विद्या निकेतन (पूर्व +2 जनता उच्च विद्यालय) में आयोजित किया गया।

इस अवसर पर अपर समाहर्ता रविकांत सिन्हा, जिला शिक्षा पदाधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गा केशरी और लोजपा जिलाध्यक्ष जीवन जी सहित कई जनप्रतिनिधि, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

"हरित जमुई" अभियान के तहत वृक्षारोपण किया गया कार्यक्रम के दौरान अपर समाहर्ता रविकांत सिन्हा ने विद्यालय के अत्याधुनिक स्मार्ट क्लासरूम का उद्घाटन किया। इसके पश्चात विद्यालय परिसर में "हरित जमुई" अभियान के तहत वृक्षारोपण किया गया। सिन्हा ने विद्यार्थियों से 'एक पौधा मां के नाम' लगाने और उसकी देखभाल करने का संकल्प लेने का आग्रह किया।

अपने संबोधन में अपर समाहर्ता ने कहा कि ये आदर्श विद्यालय ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान देने वाले शिक्षा केंद्र बनेंगे। उन्होंने शिक्षकों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने और अभिभावकों से इन सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया।

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को सुरक्षित, समावेशी और डिजिटल संसाधनों से युक्त शिक्षण वातावरण मिलेगा। उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लास, नियमित साप्ताहिक मूल्यांकन और आधुनिक शिक्षण पद्धति के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

करियर काउंसलिंग और रिमेडियल क्लास की व्यवस्था होगी जिले के जिन विद्यालयों को आदर्श विद्यालय बनाया गया है, उनमें सतायन, ताजपुर, सिकंदरा, बेला, लथलथ, गिद्धौर, सोनो, चकाई, बड़ाबांध और झाझा के +2 विद्यालय शामिल हैं।

इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक प्रयोगशालाएं, ई-लाइब्रेरी, खेल सुविधाएं, करियर काउंसलिंग और रिमेडियल क्लास की व्यवस्था होगी। इसके अतिरिक्त, मेडिकल, इंजीनियरिंग व ओलंपियाड जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रारंभिक तैयारी भी कराई जाएगी।

'दीक्षा' और 'ई-लॉट्स' जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म की सुविधा भी विद्यार्थियों और शिक्षकों को उपलब्ध कराई जाएगी। इन विद्यालयों को अपने-अपने प्रखंड में शिक्षा के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है।