भोजपुरी सिनेमा के पावरस्टार और बिहार से ताल्लुक रखने वाले अभिनेता-राजनेता पवन सिंह की निजी जिंदगी एक बार फिर अदालती विवादों के चलते सुर्खियों में आ गई है। उत्तर प्रदेश के बलिया स्थित पारिवारिक अदालत (Family Court) ने पत्नी ज्योति सिंह द्वारा दायर भरण-पोषण (Maintenance) और तलाक से जुड़े मामले की सुनवाई में हाजिर न होने पर पवन सिंह पर ₹1,000 का न्यायिक जुर्माना (Cost) लगाया है।
बुधवार (9 सितंबर) को इस बहुचर्चित मामले में पवन सिंह का बयान अदालत के समक्ष दर्ज किया जाना था। जहां एक तरफ उनकी पत्नी ज्योति सिंह अपने अधिवक्ताओं के साथ व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में मौजूद रहीं, वहीं पवन सिंह सुनवाई से नदारद रहे। अदालत ने पवन सिंह की लगातार गैरहाजिरी पर सख्त रुख अपनाते हुए हर्जाना लगाया और मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर तय की है।
पेश न होने पर पवन सिंह के वकील ने क्या दी दलील?
अदालत में अनुपस्थिति को लेकर पवन सिंह के अधिवक्ता हरिवंश सिंह ने सुनवाई टालने के लिए एक प्रार्थना पत्र दाखिल किया था:
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पटना में बाढ़ और जलभराव का हवाला: वकील ने अदालत को बताया कि बिहार की राजधानी पटना और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश व गंगा नदी के उफान के चलते भीषण बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इस प्राकृतिक आपदा और यातायात बाधित होने के कारण पवन सिंह समय पर बलिया कोर्ट नहीं पहुंच सके।
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ज्योति सिंह के पक्ष का विरोध: ज्योति सिंह के वकील ने इस दलील का कड़ा विरोध करते हुए अदालत को बताया कि पवन सिंह इससे पूर्व भी पिछली तारीखों (11 अगस्त) पर अपना बयान दर्ज कराने नहीं आए थे। जानबूझकर मामले को लंबा खींचने का आरोप लगाते हुए उन्होंने आपत्ति जताई, जिसके बाद न्यायाधीश ने इस गैरहाजिरी पर ₹1,000 का जुर्माना ठोक दिया।
10 करोड़ रुपये और मकान की मांग: ज्योति सिंह ने मांगा भारी-भरकम मेंटेनेंस
तलाक की अर्जी के साथ ही ज्योति सिंह ने पवन सिंह से आर्थिक भरण-पोषण और स्थायी गुजारा भत्ते (Permanent Alimony) की मांग की है:
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₹10 करोड़ की एलिमनी और अलग घर: अदालत में दाखिल विवरण के अनुसार, ज्योति सिंह ने कहा है कि यदि पवन सिंह उन्हें अपनी पत्नी के रूप में साथ रखने को तैयार नहीं हैं, तो उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए ₹10 करोड़ की एकमुश्त एलिमनी और रहने के लिए एक स्वतंत्र मकान दिया जाए।
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₹5 लाख प्रतिमाह खर्च: इसके अलावा उन्होंने अपनी नियमित जीवनशैली, भोजन, कपड़े, सुरक्षा और चिकित्सा खर्चों के लिए अंतरिम तौर पर लगभग ₹5 लाख प्रति माह के भरण-पोषण की मांग भी रखी है।
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कमाई का दावा: याचिका में ज्योति सिंह ने दावा किया है कि पवन सिंह भोजपुरी इंडस्ट्री के सबसे महंगे सुपरस्टार हैं और उनकी सालाना कमाई 10 करोड़ रुपये से अधिक है, इसलिए उनके वित्तीय दर्जे के अनुसार ही यह गुजारा भत्ता तय होना चाहिए।
2018 में शादी से लेकर 2022 में तलाक की अर्जी तक: कैसे बिगड़े रिश्ते?
पवन सिंह और ज्योति सिंह के वैवाहिक रिश्ते में शुरुआत से ही काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं:
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बलिया में हुई थी दूसरी शादी: पवन सिंह की पहली पत्नी नीलम सिंह का साल 2015 में आकस्मिक निधन (आत्महत्या) हो गया था। इसके बाद 6 मार्च 2018 को पवन सिंह ने बलिया की रहने वाली ज्योति सिंह से पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दूसरी शादी की थी।
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गंभीर उत्पीड़न और अबॉर्शन के आरोप: शादी के कुछ महीनों बाद ही दोनों के बीच अनबन शुरू हो गई। ज्योति सिंह ने पवन सिंह और उनके परिवार पर मानसिक प्रताड़ना, अपमानित करने और दो बार जबरन गर्भपात (अबॉर्शन) कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए, हालांकि पवन सिंह इन आरोपों को हमेशा बेबुनियाद बताते रहे हैं।
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कोर्ट पहुंचा मामला: अंततः अप्रैल 2022 में ज्योति सिंह ने बलिया फैमिली कोर्ट में भरण-पोषण की अर्जी दाखिल की। इसके जवाब में पवन सिंह ने भी बिहार के आरा (भोजपुर) की फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी लगा दी थी।
2024 के चुनाव में दिखी थी सुलह की उम्मीद, फिर क्यों बढ़ा विवाद?
इस हाई-प्रोफाइल विवाद में सबसे बड़ा मोड़ साल 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान आया था। जब पवन सिंह ने बिहार की काराकाट लोकसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा भरा, तो ज्योति सिंह अचानक उनके साथ चुनाव प्रचार के मंचों पर नजर आईं।
दोनों को एक साथ देखकर यह माना जा रहा था कि पति-पत्नी के बीच समझौता हो चुका है और वे पुरानी कड़वाहट भुलाकर दोबारा साथ आ गए हैं। हालांकि, चुनाव खत्म होने के कुछ ही हफ्तों बाद दोनों के रास्ते फिर अलग हो गए और अब यह पारिवारिक लड़ाई बलिया कोर्ट में ₹10 करोड़ की एलिमनी और कानूनी दांव-पेचों तक पहुंच चुकी है। कानूनी जानकारों के अनुसार, हिंदू मैरिज एक्ट के तहत गुजारा भत्ते की अंतिम राशि दोनों पक्षों की संपत्ति, आय के हलफनामे और जरूरतों का गहन मूल्यांकन करने के बाद ही अदालत द्वारा तय की जाएगी।