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1.5 Day Ganpati Visarjan: डेढ़ दिन के गणपति विसर्जन से पहले जरू करें ये 7 काम, जानें पूजा विधि

September 14, 2026

Ganpati Visarjan 2026: डेढ़ दिन के गणपति विसर्जन से पहले करें ये 7 जरूरी काम। जानें पूजा, भोग, आरती, उत्तर पूजा और पर्यावरण-अनुकूल विसर्जन की पूरी विधि।

गणेश चतुर्थी का पावन पर्व आज यानी 14 सितंबर को मनाया जा रहा है। घर में गणपति बप्पा की स्थापना करने के बाद भक्त अपनी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार डेढ़ दिन, 3 दिन, 5 दिन, 7 दिन या अनंत चतुर्दशी के दिन बप्पा का विसर्जन करते हैं। अगर आप डेढ़ दिन यानी 15 सितंबर (मंगलवार) को गणपति बप्पा का विसर्जन कर रहे हैं, तो जान लें कि क्या जरूर काम करने चाहिए और पूजा विधि क्या है।

गणपति विसर्जन के समय ध्यान रखें 7 बातें

  • विसर्जन वाले दिन सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें। बप्पा को स्नान कराएं या साफ कपड़े से उनकी प्रतिमा को हल्के हाथों से साफ करें। इसके बाद उन्हें वस्त्र, फूल, दूर्वा, चंदन, अक्षत और उनकी पसंद का भोग अर्पित करें।
  • विसर्जन से पहले भी बप्पा को दूर्वा और ताजे फूल अर्पित कर सकते हैं। इसके साथ चंदन, अक्षत और सिंदूर भी चढ़ाया जा सकता है।
  • बप्पा को विदा करने से पहले उन्हें भोग जरूर लगाएं। आप मोदक, लड्डू, गुड़, नारियल और फल जैसे प्रसाद चढ़ा सकते हैं।
  • अब परिवार के साथ भगवान गणेश की आरती करें। आरती के दौरान दीपक और धूप प्रभू को जरूर दिखाएं।
  • विसर्जन से पहले गणपति की उत्तर पूजा करने की परंपरा कई जगहों पर निभाई जाती है। फिर पूजा की सामग्री को व्यवस्थित कर लें और प्रतिमा को सम्मानपूर्वक विसर्जन स्थल तक ले जाने की तैयारी करें।
  • विसर्जन से पहले परिवार के सभी सदस्य भगवान गणेश के सामने हाथ जोड़कर आशीर्वाद लें और अपनी मनोकामना कहें।
  • निर्धारित विसर्जन स्थल या कृत्रिम विसर्जन कुंड में भी गणपति बप्पा का विसर्जन करें।

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डेढ़ दिन के गणपति का विसर्जन

विसर्जन का मुहूर्त और पूजा की विधि शहर, पंचांग और स्थानीय परंपरा के अनुसार जरूर देखें। इसके बाद पूजा और आरती के बाद गणपति बप्पा की प्रतिमा को सम्मानपूर्वक उठाएं। घर से बाहर ले जाते समय परिवार के सदस्य “गणपति बप्पा मोरया” का जयघोष कर सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं में गणेश विसर्जन को भगवान गणेश के अपने लोक लौटने का प्रतीक माना जाता है।

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