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मुंबई में खुली जगहों की भारी कमी, 1.28 वर्गमीटर खुला स्थान, अध्ययन रिपोर्ट ने जताई चिंता| Navbharat Live

July 30, 2026

Updated On: Jul 30, 2026 | 04:17 PM IST

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सार

Mumbai Open Space Crisis: मुंबई में नागरिकों के हिस्से सिर्फ 1.28 वर्गमीटर खुला स्थान उपलब्ध है। UDRI और नागर की रिपोर्ट में BMC से डेटा आधारित योजना और रखरखाव पर ध्यान देने की अपील।

Mumbai offers only 1.28 sq m open space per person; UDRI-NAGAR report surveys 627 spots in K-East and P-North wards, urges better BMC coordination.

खुले स्थान (प्रतीकात्मक तस्वीर, (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)

विस्तार

Mumbai Open Spaces Shortage UDRI Report: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में बढ़ती आबादी के मुकाबले सार्वजनिक खुले स्थानों का गंभीर अभाव बना हुआ है। मौजूदा स्थिति यह है कि शहर के प्रत्येक नागरिक के हिस्से में औसतन केवल 1.28 वर्गमीटर खुला स्थान उपलब्ध है, जबकि राष्ट्रीय मानकों के अनुसार यह आंकड़ा 10 से 12 वर्ग मीटर के बीच होना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल नए पार्क और मैदान विकसित करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि पहले से मौजूद सार्वजनिक स्थानों के रखरखाव, संरक्षण और प्रभावी संचालन पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है।

अर्बन डिजाइन रिसर्च इंस्टीट्यूट (यूडीआरआई) और नागर द्वारा तैयार की गई एक अध्ययन रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि विभिन्न सरकारी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें और उपलब्ध आंकड़ों का व्यवस्थित उपयोग करें, तो शहर के खुले स्थानों की गुणवत्ता और उपयोगिता में उल्लेखनीय सुधार संभव है। रिपोर्ट में यह भी सुझाव दिया गया है कि स्थानीय नागरिकों की भागीदारी बढ़ाई जाए तथा जिन इलाकों में खुले स्थानों की सबसे अधिक कमी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर निवेश किया जाए।

627 खुले स्थानों का किया विस्तृत सर्वेक्षण

इस अध्ययन के तहत बीएमसी के के-ईस्ट और पी-नॉर्थ वाडों में स्थित 627 सार्वजनिक खुले स्थानों का विस्तृत सर्वेक्षण किया गया। सर्वे के आधार पर एक डिजिटल डेटाबेस तैयार किया गया है, जिसमें प्रत्येक पार्क, खेल मैदान और अन्य सार्वजनिक स्थलों की वर्तमान स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं, अतिक्रमण की जानकारी तथा रखरखाव से जुड़े विवरण दर्ज किए गए है।

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रिपोर्ट के अनुसार यह डेटाबेस भविष्य की योजना बनाने, संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और विकास कार्यों की नियमित निगरानी में प्रशासन की मदद करेगा। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि मुंबई विकास योजना-2034 के तहत प्रति व्यक्ति 6.13 वर्गमीटर खुला स्थान उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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संरक्षण और उपयोग को प्राथमिकता

इस उद्देश्य के लिए आरक्षित कई भूखंडों का अब तक विकास नहीं हो सका है, ऐसे में नई परियोजनाओं के साथ-साथ मौजूदा पाकों और सार्वजनिक स्थलों के संरक्षण, रखरखाव और बेहतर उपयोग पर भी समान प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।

अध्ययन का निष्कर्ष है कि यदि डेटा आधारित योजना, विभागों के बीच स्पष्ट जिम्मेदारी का बंटवारा और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, तो मुंबई शहर के सार्वजनिक खुले स्थानों को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और नागरिकों के लिए उपयोगी बनाया जा सकता है। इसके लिए नई नीतियां बनाने से अधिक जरूरी मौजूदा व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना है।

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