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घरौंडा-मंडी में बारिश में भीगी धान को सुखाने का प्रयास: नहीं हो पा रहा टाइम से उठान, खरीद में देरी; 1.18 लाख क्विंटल धान अटकी - Gharaunda News

October 16, 2026

करनाल जिले की घरौंडा नई अनाज मंडी में धान की बोरियों के चट्टे लगे हैं, लेकिन उठान की धीमी रफ्तार से किसानों की परेशानी बढ़ रही है। समय पर खरीद नहीं होने के कारण कई किसानों की ढेरियां बारिश में भीग गईं।

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अब नमी बढ़ने से किसान धान को सुखाने के लिए ढेरियों को सुखाने का प्रयास कर रहे हैं। इससे उनकी लागत बढ़ रही है। मंडी के आंकड़ों के अनुसार, 16 अक्टूबर को सुबह 10 बजे तक सरकारी एजेंसियों की 1 लाख 18 हजार 863 क्विंटल धान उठान के इंतजार में पड़ी थी। वहीं, निजी खरीदारों ने खरीदी गई धान का लगभग पूरा उठान कर लिया है।

3.59 लाख क्विंटल धान पहुंची, 1.45 लाख क्विंटल की खरीद बाकी

घरौंडा मंडी में अब तक 3 लाख 59 हजार 711 क्विंटल धान की आवक हुई है। इसमें से सरकारी एजेंसियों ने 1 लाख 86 हजार 881 क्विंटल और निजी खरीदारों ने 27 हजार 627 क्विंटल धान खरीदी है। कुल खरीद 2 लाख 14 हजार 508 क्विंटल हुई है, जबकि 1 लाख 45 हजार 203 क्विंटल धान की खरीद बाकी है।

सरकारी खरीद में से केवल 68 हजार 18 क्विंटल धान का उठान हुआ है। ऐसे में 1 लाख 18 हजार 863 क्विंटल धान मंडी में ही पड़ी है। दुकानों के बाहर बोरियों के चट्टे लगे होने से मंडी में जगह की समस्या भी बनी हुई है।

धान की बोरी उठाकर ले जाते श्रमिक।

धान की बोरी उठाकर ले जाते श्रमिक।

निजी खरीदारों ने 27,100 क्विंटल धान उठाई

निजी खरीदारों ने 27 हजार 627 क्विंटल धान खरीदी, जिसमें से 27 हजार 100 क्विंटल का उठान हो चुका है। अब केवल 527 क्विंटल धान उठाई जानी बाकी है। इसके मुकाबले सरकारी एजेंसियों की खरीदी गई धान का बड़ा हिस्सा मंडी में पड़ा है। आंकड़ों से साफ है कि निजी खरीद के मुकाबले सरकारी धान का उठान काफी धीमा है।

डीएफएससी की 70 हजार क्विंटल से ज्यादा धान अटकी

एजेंसीवार आंकड़ों के अनुसार, डीएफएससी ने 95 हजार 985 क्विंटल धान खरीदी। इसमें से 25 हजार 529 क्विंटल का उठान हुआ और 70 हजार 456 क्विंटल मंडी में पड़ी है।

हेफेड ने 11 हजार 947 क्विंटल धान खरीदी, जिसमें से 6 हजार 81 क्विंटल उठाई गई और 5 हजार 866 क्विंटल का उठान बाकी है। वहीं, एचडब्ल्यूसी ने 78 हजार 949 क्विंटल धान खरीदी। इसमें से 36 हजार 408 क्विंटल का उठान हुआ, जबकि 42 हजार 541 क्विंटल धान मंडी में पड़ी है।

घरौंडा मंडी में धान को सूखाने के लिए बड़ मारते श्रमिक

घरौंडा मंडी में धान को सूखाने के लिए बड़ मारते श्रमिक

मिलर्स की कमी से प्रभावित हुआ उठान: सुनील कुमार

मार्केट कमेटी के सचिव सुनील कुमार ने बताया कि मिलर्स उपलब्ध नहीं होने के कारण धान का उठान प्रभावित हुआ। पहले दो एजेंसियों के पास सात मिलर्स थे। अब तीसरी एजेंसी हेफेड के पास भी दो मिलर्स आ चुके हैं और दो-तीन मिलर्स और आने की उम्मीद है।

इससे खरीद और उठान में तेजी लाने पर जोर दिया जाएगा। जब उनसे पूछा गया कि 15 दिन से बोरियों में भरी धान समय पर क्यों नहीं उठाई गई, तो उन्होंने कहा कि मंडी में उठान का काम लगातार चल रहा है।

जानकारी देते मार्केट कमेटी के सचिव सुनील कुमार।

जानकारी देते मार्केट कमेटी के सचिव सुनील कुमार।

समय पर खरीद होती तो बारिश से नहीं भीगती धान

किसान राजपाल व अन्य किसानों ने बताया कि उनकी धान की ढेरियां कई दिनों से मंडी में पड़ी थीं। उस समय धान में नमी भी ठीक थी, लेकिन खरीद के लिए कोई नहीं आया। इसके बाद बारिश होने से धान भीग गई।

किसानों का कहना है कि यदि समय रहते उनकी फसल खरीद ली जाती, तो उन्हें इस नुकसान से बचाया जा सकता था। अब नमी बढ़ने के कारण धान को सुखाने के लिए ढेरियों में बढ़ मरवाना पड़ रहा है। इससे अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। किसानों की मांग है कि खरीद और उठान की व्यवस्था तेज की जाए, ताकि उन्हें बारिश और देरी के कारण नुकसान न झेलना पड़े।