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फर्जी वेबसाइट के जरिए 1.05 लाख रुपये की साइबर ठगी, राजस्थान से आरोपी गिरफ्तार

September 4, 2026

हरियाणा के फरीदाबाद में साइबर क्राइम थाना NIT की टीम ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया है. पकड़ा गया आरोपी अब्बास, जो पेशे से ट्रक ड्राइवर है, राजस्थान के डीग जिले का निवासी है.

हरियाणा के फरीदाबाद में साइबर क्राइम थाना NIT की टीम ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया है. पकड़ा गया आरोपी अब्बास, जो पेशे से ट्रक ड्राइवर है, राजस्थान के डीग जिले का निवासी है.

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Bihar Crime

Crime News: हरियाणा के फरीदाबाद में साइबर क्राइम थाना NIT की टीम ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया है. पकड़ा गया आरोपी अब्बास, जो पेशे से ट्रक ड्राइवर है, राजस्थान के डीग जिले का निवासी है. पुलिस ने उसे 3 सितंबर को पाली (राजस्थान) से हिरासत में लिया.

क्रेडिट कार्ड से पैसे ट्रांसफर करने के दौरान हुई ठगी

मामला फरीदाबाद की डबुआ कॉलोनी से सामने आया है. पीड़ित व्यक्ति ने साइबर थाना NIT में दी गई शिकायत में बताया कि 3 अगस्त को उसे अपने क्रेडिट कार्ड से बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करने थे. इसके लिए उसने गूगल पर सर्च करके clickpayz नाम की एक वेबसाइट पर विजिट किया और लॉगिन करके अपने मोबाइल पर आया ओटीपी (OTP) दर्ज कर दिया.  ओटीपी दर्ज करते ही पीड़ित के क्रेडिट कार्ड से 35,000 रुपये कट गए, लेकिन वह रकम उसके बैंक खाते में जमा नहीं हुई.

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केवाईसी (KYC) के नाम पर दोबारा बनाया शिकार

पैसे कटने के कुछ ही देर बाद पीड़ित के व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई. फोन करने वाले ने खुद को संबंधित पेमेंट वेबसाइट का प्रतिनिधि बताया और कहा कि रुकी हुई ट्रांजैक्शन को पूरा करने के लिए पहले बैंक खाते की KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी. ठग के झांसे में आकर पीड़ित ने दोबारा अपने क्रेडिट कार्ड की गोपनीय जानकारी और ओटीपी साझा कर दिया. इसके तुरंत बाद दो अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए पीड़ित के खाते से 66,999 रुपये और उड़ गए. इस तरह साइबर अपराधियों ने पीड़ित से कुल 1,04,999 रुपये की ठगी को अंजाम दिया.

फर्जी वेबसाइट मुहैया कराने का आरोप

पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने साइबर थाना NIT में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की. पुलिस की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ कि जिस वेबसाइट पर पीड़ित ने लॉगिन किया था, वह एक फर्जी (Phishing) वेबसाइट थी. गिरफ्तार आरोपी अब्बास ने ही साइबर ठगों के इस गिरोह को यह फर्जी वेबसाइट उपलब्ध कराई थी. पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.

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